कृषि मंत्री नेताम ने कहा- 472 जगहों पर हुई कार्रवाई, 68 हजार बोरी खाद जब्त, 11 लोगों पर FIR

कृषि मंत्री नेताम ने कहा- 472 जगहों पर हुई कार्रवाई, 68 हजार बोरी खाद जब्त, 11 लोगों पर FIR

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रेस कांफ्रेंस कर कृषि विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, खाद की कालाबाजारी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पूरे प्रदेश में अब तक 472 जगहों पर कार्रवाई की गई है।
68 हजार बोरी फ़र्टिलाइजर खाद कृषि विभाग ने जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान 11 दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया गया है। इसके अलावा 11 लोगों पर FIR भी दर्ज किया गया है।

मंत्री नेताम ने कहा, बस्तर आज शांति का टापू बना है, बड़े पैमाने पर उस क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन मत्स्यपालन इन विभागों के सामूहिक प्रयासों से उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सकता है। सभी डायरेक्टर और संचालकों ने बस्तर का दौरा किया। जिन क्षेत्रों में काम हो रहा वहां जाकर देखा, जो हितग्राही, किसान जुड़े हैं, उनसे बात की गई। हमने निर्णय लिया है कि उन क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाने का काम होगा, उन्हें रोजगार भी मिलेगा। एक छत के नीचे सभी विभागों को एक साथ ट्रेनिंग देने की योजना बनाएंगे।

कृषि मंत्री ने कहा, धान और केले की फसल में सर्वाधिक पानी की जरूरत होती है। इन फसलों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। हम अधिकारियों के माध्यम से कृषि संकल्प अभियान चलाकर उन्हें जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं। गर्मियों में धान के बदले दलहन, तिलहन या सब्जी की खेती करते हैं तो पानी की जरूरत कम पड़ेगी। जैविक उत्पादन बढ़ाने, धान के बदले दलहन, तिलहन, फूलों की खेती कर कैसे आगे बढ़ें, इस पर फोकस हैं।

उन्होंने कहा, कोशिश यह भी है कि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम हो, उसकी तुलना में जैविक खाद की दिशा में कैसे आगे बढ़ें, इस पर फोकस है। कम वर्षा में कैसे खेती करें इस पर विभाग फोकस कर रहा है। जल की उपलब्धता हो, इसके लिए कोरबा के बांगो डैम को चिन्हांकित किया गया है।

WDC-PMKSY 2.0 के तहत 27 जिलों में 45 परियोजनाएं संचालित है। 7,514 जल एवं मृदा संरक्षण संरचनाएं निर्मित हुई, 22,836 किसान लाभान्वित हुए। प्राकृतिक खेती से वर्ष 2025-26 में 57,625 किसान जुड़े। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-रबी 2025-26 के 17.97 लाख किसानों ने बीमा कराया। किसानों को 277.05 करोड़ का दावा भुगतान किया गया।
अक्ती बीज संवर्धन योजना के तहत 12.54 लाख किसानों को बीज उत्पादन और अनुदान का लाभ मिला। 247 करोड़ से अधिक अनुदान वितरित किए गए। एग्रीस्टैक एवं डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 19,389 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी, 36 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन हुआ। किसान पहचान डिजिटल फसल सर्वे और भू-अभिलेख आधारित सेवाओं का एकीकरण किया जा रहा है।

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