गर्मियों की तपिश के साथ ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल संकट गहराता जा रहा है। शहर के आधे से ज्यादा वार्ड पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं इस हालात का फायदा उठाकर टैंकर माफिया पानी की कालाबाजारी में जुट गए हैं।
नगर निगम से सस्ते दामों पर पानी लेकर ये माफिया आम जनता को कई गुना कीमत पर पानी बेच रहे हैं। पानी की इस ब्लैक मार्केटिंग ने शहर में हाहाकार मचा दिया है, जबकि नगर निगम दावा कर रहा है कि जरूरतमंद इलाकों में मुफ्त टैंकर सेवा दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गर्मी चरम पर है और इसके साथ ही जल संकट भी गहराता जा रहा है। नगर निगम के 70 वार्डों में से 35 से अधिक वार्डों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से गिर गया है। इनमें से कई इलाकों को सूखा ग्रस्त घोषित किया गया है।
गर्मी और जल संकट के इस दौर में टैंकर माफिया पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। नगर निगम के कर्मचारियों से मिलीभगत कर टैंकर संचालक 200 से 500 रुपए में पानी खरीदकर आम नागरिकों को 1400 से 2000 रुपए में बेच रहे हैं। वहीं कुछ हाईप्रोफाइल कॉलोनियों में यही पानी 3000 रुपए तक में बेचा जा रहा है।
गंभीर जल संकट वाले क्षेत्र: डंगनिया, रायपुरा, सुंदर नगर, अश्विनी नगर, सत्यम विहार, प्रोफेसर कॉलोनी, तात्यापारा, गीता नगर, चंगोराभाठा, लाखे नगर, पुरानी बस्ती, चौबे कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, टिकरापारा, सदर बाजार, कंकाली पारा, बूढ़ापारा, छोटापारा और भाठागांव।

