मध्यप्रदेश वन विभाग, छत्तीसगढ़ को दो मादा तथा छह नर बाघ देने के लिए राजी हैं, लेकिन राज्य के वन विभाग मध्यप्रदेश के इस प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकार नहीं कर रहा है। अफसरों का कहना है कि पड़ोसी राज्य से माइग्रेट कर लगातार बाघों का मूवमेंट हो रहा है। ऐसी स्थिति में माइग्रेट कर आने वाले बाघों को यहां रोकने की कोशिश करने उपाए किए जाने की बात वन अफसर कह रहे हैं।
गौरतलब है कि बाघों की गणना के दौरान गणना में बाघ के शावकों की गिनती नहीं की जाती। वर्ष दो -2022 की गणना रिपोर्ट में जो बाघों के शावक थे, उसे – गिनती में शामिल नहीं किया गया। वहीं शावक अब वयस्क हो गए हैं। मध्यप्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़ तथा पेच टाइगर रिजर्व में बाघ क्षमता से अधिक हो गए हैं। ऐसे में बाघों के मैनेजमेंट करने में मध्यप्रदेश के वन अफसरों को परेशानी होने लगी है।

