नक्सल ऑपरेशन में 24,000 जवान शामिल

नक्सल ऑपरेशन में 24,000 जवान शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में पिछले सप्ताह 21 अप्रैल को शुरू किया गया सबसे बड़े नक्सल उन्मूलन अभियान सोमवार को आठवें दिन बीत गए है जहां सुरक्षाबल खूंखार नक्सलियों को ठिकाने लगाने अबतक डटे हुए है। बीते सोमवार को शुरू हुए इस सबसे ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयां, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसके विशिष्ट कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल है

कई हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना के मुलुगु जिलों से सटे अंतर-राज्यीय सीमा के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा पहाड़ियों के दुर्गम इलाके और घने जंगलों में ये अभियान पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए), दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) और तेलंगाना राज्य समिति (टीएससी) से जुड़े हिड़मा, दामोदर, सुजाता, देवा जैसे दुर्दांत माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर इस क्षेत्र में चलाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि शनिवार को सबसे बड़ी नक्सल विरोधी अभियान में मारी गई तीन महिला नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया, मारे गए महिला नक्सलियों की पहचान हुंगी, सिंटू और शांति के रूप में हुई है, जिन्हें तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के एक जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मार गिराया गया था।
तीनों पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन नंबर 1 के सदस्य थे और उन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था।

Chhattisgarh