तेलंगाना। नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। 50 लाख रुपये से अधिक के इनामी नक्सली कमांडर बारसे देवा ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर के बाद बारसे देवा की पहली तस्वीर सामने आई है, जिसमें उसके पूर्व और वर्तमान स्वरूप में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हिडमा के एनकाउंटर के बाद बारसे देवा को पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद वह नक्सली संगठन के शीर्ष रणनीतिक नेतृत्व में शामिल हो गया और दक्षिण बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का प्रमुख चेहरा बनकर उभरा।
दक्षिण बस्तर में नक्सली हिंसा का मास्टरमाइंड: खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, बारसे देवा न केवल नक्सलियों की सैन्य गतिविधियों, बल्कि संगठन विस्तार और बड़े हमलों की साजिशों में भी अहम भूमिका निभाता रहा है। लंबे समय से वह सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

