भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास में ईडी की छापेमारी के दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन हिरासत में लिए जाने की खबर से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर 7 घंटे की छापेमारी के बाद ED ने उनके बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 5 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। जहां ईडी शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य से पूछताछ करेगी।
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भूपेश बघेल के निवास पर आज सुबह छापामार कार्रवाई की। जिसके बाद ईडी की टीम ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब उनके बेटे चैतन्य बघेल (Chaitanya Baghel) का जन्मदिन मनाया जा रहा था।
ईडी की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस (Congress) नेताओं ने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए कोर्ट पहुंचकर एकजुटता दिखाई। भूपेश बघेल के साथ-साथ विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत (Dr. Charandas Mahant), देवेंद्र यादव, और अन्य कांग्रेस विधायक भी न्यायालय परिसर में मौजूद रहे। वहीं गिरफ्तारी के विराेध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने ED दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की और झूमाझटकी भी हुई.
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद इस छापेमारी की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है. अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था. भिलाई निवास में “साहेब” ने ED भेज दी है.” उन्होंने बीजेपी सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया।

