रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बायोटेक इनक्यूबेशन सेंटर के निर्माण में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का एनएसयूआई ने भंडाफोड़ किया है। विरोध में NSUI ने “भ्रष्टाचार की बारात” निकाल कर अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया।

बारात में कुलपति का मुखौटा पहनकर एक व्यक्ति को घोड़े पर बैठाया गया, दूल्हे की तरह सजाया गया, और नकली नोटों से भरा सूटकेस “दहेज” में दिया गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नाचते हुए आधे किलोमीटर लंबी सांकेतिक बारात निकाली।
इस बारात में एक व्यक्ति ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम जी का मुखौटा पहनकर हिस्सा लिया और कुलपति की “भ्रष्टाचार की बहू” से प्रतीकात्मक शादी कराई गई। एनएसयूआई का आरोप है कि: बिना लोक निर्माण विभाग (PWD) की निगरानी के निर्माण कराया गया,
नॉन-एसओआर दरों पर मनमाना भुगतान किया गया,
निर्माण कार्य अब भी अधूरा है, फिर भी करोड़ों रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है,और विश्वविद्यालय की खरीदी में 30–40% तक कमीशन लिया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा “ये बारात नहीं, ये भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता की घंटी है। छात्र अब चुप नहीं बैठेंगे। कुलपति और उनके संरक्षणदाताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
एनएसयूआई की मुख्य मांगें: कुलपति को तत्काल बर्खास्त किया जाएपूरी परियोजना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच हो दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी ज़िम्मेदारी राज्य शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

