छत्तीसगढ़ में आबकारी घोटाले से जुड़े मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा के करीबी लोगों के खिलाफ ईओडब्ल्यू (Central Economic Intelligence Bureau) और एसीबी (Anti Corruption Bureau) ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार सुबह से ही राज्य के कई अलग-अलग जिलों में एक साथ 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इस छापेमारी में सबसे अहम कार्रवाई दुर्ग जिले में चल रही है, जहां आम्रपाली सोसाइटी स्थित स्टील व्यवसायी अशोक अग्रवाल के निवास पर ईओडब्ल्यू की टीम जांच कर रही है। अशोक अग्रवाल स्टील इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं और उन्हें लखमा का नजदीकी माना जा रहा है। उनके घर से बैंक खातों की जानकारी और स्टील कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
[ओडब्ल्यू और एसीबी की संयुक्त कार्रवाई में करीब 9 वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। इन अधिकारियों ने संबंधित निवासों से दस्तावेज जब्त कर, वित्तीय लेन-देन, बैंक स्टेटमेंट और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजों की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई कथित आबकारी घोटाले से जुड़ी है, जिसमें कवासी लखमा पहले ही जेल में बंद हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि उनके करीबियों ने इस घोटाले में आर्थिक लाभ लिया है और अवैध लेन-देन में शामिल रहे हैं।

