रायपुर संत राजाराम साहेब की 66वीं वर्सी महोत्सव के अवसर पर शदाणी दरबार में भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव के तहत नारी शक्ति ने गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और भक्तों ने भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शदाणी दरबार के मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी ने बताया कि कलश यात्रा सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, यज्ञ या कथा जैसे श्रीमद्भागवत से पहले की जाने वाली एक पवित्र परंपरा है। यह यात्रा भक्ति, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।

कलश यात्रा का शुभारंभ शदाणी दरबार के पीठाधीश संत युधिष्ठिरलाल जी ने ध्वज लहराकर किया। इस दौरान भक्तों ने “जय-जय शदाराम” के जयकारों के साथ यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा में सबसे आगे गुरुमाता दीपिका शदाणी और पावनी शदाणी की अगुवाई में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर दिव्य शक्ति का आह्वान किया। कलश में जल, नारियल और आम के पत्ते रखे गए, जो पूर्णता, समृद्धि और देवताओं के वास का प्रतीक माने जाते हैं। मान्यता है कि कलश यात्रा में समस्त देवी-देवताओं, तीर्थों और वेदों का वास होता है। इसे सिर पर धारण करने से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है और नगर में सकारात्मकता का वातावरण बनता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मातृ शक्ति द्वारा कलश यात्रा निकालने से क्षेत्र में सुख, समृद्धि, धन-धान्य और आरोग्य की वृद्धि होती है। साथ ही इस यात्रा में शामिल होने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पापों का नाश होता है। कलश यात्रा में छत्तीसगढ़ सहित देशभर से आए भक्तों ने भाग लिया। इसमें नगर निगम एमआईसी सदस्य अनामिका सिंह, राजिम से विजेता देवानी, राजनांदगांव से दिव्या जसवानी, अधिवक्ता विश्वदिनी पांडे और खुशी पंजवानी सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।

वर्सी महोत्सव के अवसर पर शदाणी दरबार में विशाल मेगा हेल्थ मेडिकल कैंप भी आयोजित किया गया। इस शिविर में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को निःशुल्क परामर्श, जाँच और दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भीषम शदाणी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अदिति शदाणी, एमडी मेडिसिन डॉ. अजीत शदाणी, डॉ. शान्या और डॉ. पूजा सहित अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएँ दीं।
शिविर में टेली-मेडिसिन, रक्त जाँच, एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईसीजी (ECG), हेपेटाइटिस-बी स्क्रीनिंग समेत अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। शदाणी दरबार ने संकल्प लिया है कि सेवा ही सर्वोच्च धर्म है और जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाएँ सम्मानपूर्वक निःशुल्क पहुँचाई जाती रहेंगी।

